Thursday, August 20, 2009

मित्र

हम दोनों को साहित्य से लगाव था हम दोनों घंटो ग्रंथालय में बिताते थे,बच्चन ,महादेवी वर्मा ,निराला,की कविताये पड़ते थे ,-औरत तेरी यही कहानी ,
आँचल में दूध ,आँखों में पानीमहादेवी वर्मा की कविता के ये लाइन हमारे लिए सबसे प्रिय पंक्तिया थीमुंशी प्रेमचंद की गोदान, सेवासदन,निर्मला,रविंद्रनाथ की कहानियाँ,शरत चंद्र के उपन्यासपडी के बाद हमारी सबसे बड़ी कमजोरी थी कैंटीन के गरम -गरम समोसे वाह याद करती हूँ तो आज भी मुह मैं पानी आजाता है हम दोनों साइकिल पर कॉलेज जाते थे, बहुत धीमी गति से चलते थे लोग खूब चिडाते थे की कॉलेज पहुंचना है की इसी पर घुमते रहना है.हम उनकी तरफ़ देखते भी नही थे
कॉलेज के प्रोफेसर हमे बहुत चाहते थे क्यूंकि हमारी दोनों की पडी बहुत अच्छी होती थी ,फर्स्ट क्लास में पास होते थे

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