Friday, August 21, 2009

jeevan

अगर मैं कहूं की हमारे जीवन में दुःख ही दुःख थे यह ग़लत होगा ,कई हसीं पलों
को हमने साथ गुजारा है माँ सुबह सबेरे उठ जाती थी सब लोगो को जगा देती थी ,हम सब हॉल में इकट्ठे बैठ कर इधर उधर की बातें करते थेकभी कभी चर्चाये भी चलती थी की भविष्य योजनाओ के बारे में मैं और मेरी बहन दोनों कई मुद्दे उठाते थे जिनका समाधान पापा करते थेमुझे लगता था की हमारे पापा जैसे पापा बहुत कम लोगो को नसीब होते है
मेरी दो बहने थी ,दोनों रंग रूप ,विचारों आदि में बहुत अलग थी हम सब माँ से संगीत सीखते थे संगीत हमारे जीवन का एक खास अंग था रोज रियाज करते थे माँ संगीत के क्लास भी लिया करती थीहमारा एक भाई है जो हमें बहुत प्यारा है आज दो बच्चो का बाप है उसकी साड़ी जिम्मेदारी हम बहनों को सौंप दी गई थीहम उसे पड़ते थे खिलते थेकई मिन्नतों के बाद भगवान् ने उसे हमारे यहाँ भेजा थामाँ के अन्तिम समय तक उसने माँ की खूब सेवा की

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